हरियाणा के अंबाला से उत्तर प्रदेश के शामली तक बन रहे सिक्स लेन हाईवे का निर्माण कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। भारतमाला परियोजना के तहत बनाए जा रहे इस महत्वाकांक्षी हाईवे का करीब 65 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने इसे मार्च 2027 तक पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य रखा है।
हाईवे की लंबाई और लागत
यह हाईवे कुल 122 किलोमीटर लंबा होगा और इसे बनाने में लगभग 4,900 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। इसमें से करीब 45 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश के शामली-सहारनपुर क्षेत्र में पड़ता है, जबकि शेष 77 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा के अंबाला डिवीजन के अंतर्गत बनाया जा रहा है। सहारनपुर वाला हिस्सा गंगोह और तीतरो कस्बों से होकर गुजरेगा, जहां गंगोह इंटरचेंज पर पुल निर्माण का काम तेजी से चल रहा है।

प्रोजेक्ट की पृष्ठभूमि
भारतमाला परियोजना के अंतर्गत NHAI द्वारा इस सिक्स लेन हाईवे का प्रस्ताव वर्ष 2021 में स्वीकृत किया गया था, और इसका निर्माण कार्य वर्ष 2023 में शुरू हुआ। यह हाईवे बनने के बाद हरियाणा को सीधे उत्तर प्रदेश के सहारनपुर होते हुए शामली से जोड़ देगा, जिससे दोनों राज्यों के बीच आवागमन और व्यापार को बड़ी रफ्तार मिलेगी।
टोल टैक्स की व्यवस्था
हाईवे को दुर्घटना-मुक्त बनाने के मकसद से इस पर सफर करने वाले वाहनों को शुरुआती बिंदु से लेकर गंतव्य तक का टोल टैक्स एक साथ देना होगा। इससे यात्रियों को पूरे हाईवे पर बार-बार टोल चुकाने की झंझट से राहत मिलेगी।

हाईवे पर मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर की तर्ज पर इस हाईवे पर भी कई जगहों पर रेस्ट एरिया बनाए जाएंगे। यहां यात्रियों के लिए पेट्रोल पंप, सीएनजी पंप, रेस्टोरेंट और शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि लंबी दूरी के सफर में यात्रियों को असुविधा न हो।
किसानों के विरोध के बाद बनी सहमति
करीब डेढ़ साल पहले तीतरो क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण को लेकर स्थानीय किसानों ने लंबे समय तक धरना-प्रदर्शन किया था। बाद में प्रशासन और किसानों के बीच सहमति बनने के बाद निर्माण कार्य दोबारा शुरू हो सका।
निर्माण की मौजूदा स्थिति
NHAI अधिकारियों के मुताबिक हाईवे का करीब 65 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और तय समयसीमा के अनुसार मार्च 2027 तक पूरा प्रोजेक्ट पूरा कर लिया जाएगा। शामली से सहारनपुर तक के 45 किमी हिस्से का निर्माण NHAI की बागपत डिवीजन कर रही है, जबकि शेष 77 किमी हिस्सा अंबाला डिवीजन के अधीन है।
मुख्य बातें (Highlights)
- अंबाला-शामली सिक्स लेन हाईवे का 65% निर्माण कार्य पूरा
- कुल लंबाई: 122 किलोमीटर, लागत: लगभग 4,900 करोड़ रुपये
- लक्ष्य: मार्च 2027 तक निर्माण पूरा
- शामली-सहारनपुर हिस्सा: 45 किमी (गंगोह और तीतरो से गुजरेगा)
- अंबाला हिस्सा: 77 किमी
- भारतमाला परियोजना के तहत निर्माण, प्रस्ताव 2021 में स्वीकृत, काम 2023 में शुरू
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. अंबाला-शामली सिक्स लेन हाईवे कब तक बनकर तैयार होगा? NHAI के मुताबिक इस हाईवे को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
Q2. यह हाईवे कितना लंबा है और इसकी लागत कितनी है? यह हाईवे 122 किलोमीटर लंबा है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 4,900 करोड़ रुपये है।
Q3. यह हाईवे किन इलाकों से होकर गुजरेगा? सहारनपुर क्षेत्र में यह हाईवे गंगोह और तीतरो कस्बों से होकर गुजरेगा, जबकि बाकी हिस्सा हरियाणा के अंबाला डिवीजन में पड़ता है।
Q4. यह किस योजना के तहत बनाया जा रहा है? यह हाईवे भारतमाला परियोजना के तहत NHAI द्वारा बनाया जा रहा है।
(स्रोत: स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित। लेख मौलिक रूप से पुनर्लेखित।)


